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One liners


अजीब कश्मकश है जिंदगी की यारो 
जिनसे मिन्नतें करो साथ रहने की 
वही अक्सर दुहाई देकर परे हट जाते है 

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हमारा भी जिक्र होना चाहिए मुहब्बत के फसानों में 
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.आखिर हीर और राँझा ही कब तक गुनगुनाते रहोगे।

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खुला खत - 1 (शोहदों के नाम )

एक खुला ख़त तमाम शोहदों के नाम


नमस्कार ,

                समझ नहीं आता की कैसे और कहाँ से शुरू करूँ , आखिरकार आप लोगों की करस्तानियाँ ही ऐसी हैं ।

आप कॉलेजों के बाहर , गलियों के मुहानो पर तथा नुक्कड़ों पर मिलने वाले वही महान विभूतियाँ है जो लड़कियों का जीना हराम कर देते हैं ।

                  यूँ ही आवारागर्दी करते करते आप को कोई भोली भाली सी लड़की पसंद आ जाती है, कुछ दिनों तक आप उसे राह चलते देख देख कर आँख सेकते हैं(आपकी भाषा में) ,  फिर उस लड़की का नाम पता करते हैं , अब आप उस लड़की से ना जाने किस सस्ते टाइप का प्यार करने लगते है जिसके मूल में देहाकर्षण ही होता है परंतु आप इसे सच्चे प्यार का नाम देते है और आप अब उस लड़की को पाने के लिए जमीन आसमान एक करने लगते हैं अपने दोस्तों वगैरह से बताते फिरते हैं सिवाय उस लड़की को बताने के !!!!


एक दिन वो भी आता है की आप अपने दोस्तों की बात मान लेते है और  बहुत हिम्मत करके अपना हाल ए दिल उस लड़की को बता देते हैं परंतु यह क्या ..............?

वो लड़की आप से प्यार करने से इन्कार कर देती है।


अब आपके अहंकार को ठेस पंहुचता है , आप सोचते है की उस लड़की की इतनी हिम…

वर्तमान हिंदी सिनेमा

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हम आज आदरणीय दादा साहब फाल्के जी के द्वारा लगाये गए उस बीज की चर्चा कर रहे है जो आज एक विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है ।
हिंदी सिनेमा आज हमारे मनोरंजन के साथ - साथ कुछ नए तहजीबों और नए तरीकों को सिखने का एक जरिया भी है इसी के वजह से हम अपने देश तथा विदेशों के भी अन्य विशेष गुणों को सिख लेते है जिन्हें हम शायद प्रत्यक्ष रूप से कभी भी जान नही पाते ।
विगत कई वर्षों से रामायण - महाभारत तथा पुराणों से  संबंधित कई फिल्में आई जिन्हें देखकर लोग कुछ अपने धार्मिक पुराणों और उनके किरदारों तथा पूज्य देवी देवताओं के बारे में रोचकता पूर्वक अधिक जानकारी भी प्राप्त किये ।

कुछ पारिवारिक पृष्ठभूमि की बेहतरीन फ़िल्में भी आई जिनके कारण हमारे समाज के रहन - सहन में भी थोड़ा और बदलाव आया जिससे हम अपने संस्कारों के साथ- साथ आधुनिक भी बनें ।

21 वीं सदी का यह दौर भी भारतीय सिनेमा में एक नए किस्म का बदलाव लेकर आया अब कई तरह की फ़िल्में बनने लगी है जिनमे से कुछ तो हमारे समाज के लिए सकारात्मक सन्देश देती है परंतु कुछ फ़िल्में ऐसी भी होती है जिनके कारण  दर्शक अपने जीवन की वास्तविकता से दूर होकर हवाई …

मुबारकबाद नए साल की

नव वर्ष में नव गीत का सृजन कर लो
जीवन में अपने कुछ परिवर्तन कर लोे
हैं इस दुनिया में बेरंग और दुखी बहुतेरे
संग उनके अपना भी जीवन रंगन कर लोे

मैं , सुमित आपको और आपके परिवार को  दिल से नव वर्ष 2⃣0⃣1⃣7⃣ की बहुत ढ़ेर सारी हार्दिक❤ शुभकामनायें देता हूँ।

©सुमित चंद्र सेठ
सुमित कुमार सोनी (फेसबुक)